नर्सरी टीचर ट्रेनिंग NTT के नाम पर बेचा जा रहा सरकारी नौकरी का सपना, लुट रहे लोग
बिहार हाल फिलहाल में हुई शिक्षकों की बहाली को देखते हुए नर्सरी टीचर ट्रेनिंग NTT के नाम से लोगों के बीच सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर जमकर पैसे ऐंठे जा रहे हैं। कोर्स के नाम पर संचालित संस्थानों के द्वारा बताया जाता है कि इस कोर्स को करने के बाद बिना बीएड, डीएलएड के आप सरकारी शिक्षक बन सकते हैं। इस तथ्य को प्रामाणिक बताने के लिए 2 साल पहले एक अखबार में निकले खबर का हवाला दिया जाता है। मधुबनी जिले में भी इस तरह के कई संस्थान संचालित हैं जो कोर्स के नाम पर 25 से 30 हज़ार तक कि वसूली कर रही है। जिसमें ना सिर्फ मधुबनी बल्कि बिहार के कई जिले व बिहार के अलावे अन्य राज्य के लोग भी शिकार हो रहे हैं।
मधुबनी में NTT के नाम पर जहाँ सबसे अधिक बच्चे नामांकित हुए वह संस्थान है मधुबनी इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर ट्रेनिंग, जो कि मधुबनी चकदह में संचालित है। संस्थान खुद को भारत सरकार से मान्यता प्राप्त एक मात्र संस्थान बताती है। साथ ही AIIECCE नाम की एक बोर्ड से पंजीकृत बताती है। बाकायदा मान्यता कोड AIIECCE/BR/018 प्रदर्शित करती है।

इस कथित बोर्ड की वेबसाइट पर जाने पर पता चलता है कि यह खुद को मौलाना आज़ाद ग्रुप ऑफ एजुकेशन से संबंद्ध दिखाती है।
पड़ताल करने पर पता चलता है कि मौलाना अबुल कलाम आज़ाद मेमोरियल सोसाइटी नाम से कोई ग्रुप भारत में नहीं है जो इस तरह की कोर्स के लिए मान्यता देती हो।
दरअसल यह कोर्स वोकेशनल कोर्स की भांति है, ठीक उसी प्रकार जैसे हर गली मोहल्लों में कंप्यूटर ट्रेनिंग का प्रमाण पत्र मिलता है।
आश्चर्य की बात है कि सरकारी नौकरी का सपना दिखाने वाली AIIECCE नाम की कथित बोर्ड उत्तर प्रदेश के पते पर है। फिर भी उत्तर प्रदेश में इसके महज 38 सेंटर हैं, बल्कि बिहार में 156 सेंटर पंजीकृत हैं।
संस्थान के वेबसाइट में खुद के प्रमाणिकता के लिए सिर्फ एक सर्टिफिकेट अपलोड की गई है जो कि ISO क्वालिटी का सर्टिफिकेट है। साथ ही यहां 'मौलाना अबुल कलाम आज़ाद मेमोरियल सोसाइटी' की जगह 'मौलाना आज़ाद ग्रुप ऑफ एजुकेशन' नाम दिखता है।


यह सर्टिफिकेट आमतौर पर कोई भी अपनी दुकान प्रतिष्ठान के लिए 500 से 1000 की खर्च में बना सकता है। जैसा कि एक ऐसी ही सर्टिफिकेट बनानी वाली कंपनी से बात की गई तो उसनें ठीक ऐसा ही सर्टिफिकेट बनाने का खर्च 700 बताया।
उक्त संस्थान से खुद को निबंधित बताने वाले मधुबनी इंस्टिट्यूट ऑफ टीचर ट्रेनिंग के कार्यालय में संस्थान को मिला सर्टिफिकेट है जिस पर लगा मोहर व हस्ताक्षर अस्पष्ट है।





.jpeg)

Comments
Post a Comment